2026 के नवीनतम एलपीजी नियमों के अनुसार, भारत की सभी गैस कंपनियों ने फर्जी और "घोस्ट" (Ghost) ग्राहकों को रोकने के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (Biometric e-KYC) आवश्यक कर दी है। जिन ग्राहकों ने अपनी गैस एजेंसी पर जाकर अपना उंगलियों का निशान (Fingerprint) सत्यापित नहीं करवाया है, उनकी गैस सब्सिडी अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
केंद्रीय कैबिनेट ने 2026 के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) को उज्ज्वला महिला ग्राहकों के लिए एक और वित्तीय वर्ष तक बढ़ा दिया है। इससे लगभग 10 करोड़ से भी अधिक गरीब परिवारों को गैस की महंगाई से भारी राहत मिलेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य धुंए मुक्त रसोई और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।